‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ पर हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने व स्वदेशी अपनाने का लें संकल्प : डॉ. अभिनव कपूर



देहरादून। प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

इस अवसर पर जारी अपने संदेश में जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- समस्त देशवासियों, विशेषतौर पर हथकरघा बुनकरों एवं व्यवसायियों को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश के हर क्षेत्र के हथकरघा उद्योग की अपनी एक अलग पहचान है, जो देश की विभिन्नता में एकता का सच्चा चित्रण प्रस्तुत करती है।

जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि भारत का हथकरघा क्षेत्र पूरे विश्व में हमारी समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस भारतीय कला को एक बार फिर से नई पहचान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हथकरघा दिवस मनाने की शुरूआत की।

उन्होंने कहा कि आज हथकरघा की कला संरक्षित हो रही है और बुनकरों के लिए अनेक अवसर तथा निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध हैं। इससे बुनकर व हथकरघा उद्योग दोनों हीं सशक्त हो रहे हैं। हथकरघा भारतीय संस्कृति की अनमोल विरासत है, जो हमें हमारी परंपराओं से जोड़ता है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि आइए, इस अवसर पर हम सभी हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने व स्वदेशी अपनाने का संकल्प लें।

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